मुख्य बातें
- छोटे लोन पर ज़्यादा LTV: ₹2.5 लाख तक लेने वालों को अब सोने की कीमत का 85% तक मिल सकता है, पहले यह सीमा 75% थी।
- ₹2.5 लाख तक विस्तृत आय जांच नहीं: पूरा क्रेडिट मूल्यांकन तभी ज़रूरी है जब आपका कुल गोल्ड लोन ₹2.5 लाख से ऊपर जाए।
- बुलेट लोन: अधिकतम 12 महीने, और रिन्यूअल से पहले जमा हुआ ब्याज चुकाना होगा।
- निष्पक्ष मूल्यांकन: सोने का मूल्य पिछले दिन के बंद भाव या 30 दिन के औसत, जो भी कम हो, पर होता है — नग/पत्थर नहीं गिने जाते।
- उधारकर्ता को ज़्यादा सुरक्षा: देर से लौटाने पर ₹5,000 प्रतिदिन मुआवज़ा, नीलामी में कम से कम 90% रिज़र्व प्राइस, और अतिरिक्त राशि 7 कार्य दिवसों में वापस।
क्या बदला और क्यों
2026 से पहले बैंक, NBFC और सहकारी बैंक अलग-अलग वर्षों में जारी अलग-अलग गोल्ड लोन निर्देशों का पालन करते थे। जून 2025 में RBI ने इन सबकी जगह एक ही निर्देश जारी किए — Reserve Bank of India (Lending Against Gold and Silver Collateral) Directions, 2025 — और लेंडर्स को 1 अप्रैल 2026 तक इन्हें लागू करने का समय दिया। उद्देश्य था बार-बार सिर्फ ब्याज देकर रिन्यूअल, अस्पष्ट मूल्यांकन और गिरवी गहनों की देर से वापसी जैसी प्रथाओं को रोकना, और आम उधारकर्ताओं के लिए छोटे लोन आसान बनाना।
ये नियम कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंक, और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित सभी NBFC पर लागू होते हैं। आपके लेंडर के नए निर्देश अपनाने से पहले मंज़ूर हुए लोन बंद या रिन्यू होने तक पुरानी शर्तों पर चलते रहेंगे।
नियम 1: नए LTV स्लैब — आपको कितना लोन मिलेगा
LTV (Loan-to-Value) यानी आपके सोने के आंके गए मूल्य का अधिकतम कितना प्रतिशत लोन मिल सकता है। अब एक समान सीमा की जगह LTV उस लेंडर से आपके कुल गोल्ड लोन के आकार पर निर्भर है:
| कुल गोल्ड लोन राशि | अधिकतम LTV (1 अप्रैल 2026 से) | पहले की सीमा |
|---|---|---|
| ₹2.5 लाख तक | 85% | 75% |
| ₹2.5 लाख से ऊपर और ₹5 लाख तक | 80% | 75% |
| ₹5 लाख से ऊपर | 75% | 75% |
ये अधिकतम सीमाएं हैं, गारंटी नहीं। लेंडर अपनी नीति के अनुसार कम दे सकता है, और पूरी अवधि में LTV सीमा के भीतर रहना चाहिए — यानी सोने का भाव तेज़ी से गिरे तो आपसे लोन का कुछ हिस्सा चुकाने या और सोना गिरवी रखने को कहा जा सकता है।
उदाहरण: आपके सोने पर अधिकतम लोन
मान लीजिए आपके गहनों का आंका गया मूल्य (नग घटाने और शुद्धता के समायोजन के बाद) नीचे दिए अनुसार है। EMI वाले लोन पर अधिकतम राशि इस तरह बनेगी:
| सोने का आंका गया मूल्य | लागू स्लैब | अधिकतम लोन |
|---|---|---|
| ₹1,00,000 | 85% | ₹85,000 |
| ₹2,00,000 | 85% | ₹1,70,000 |
| ₹3,00,000 | 85% (₹2.5 लाख स्लैब पर सीमित) | ₹2,50,000 |
| ₹5,00,000 | 80% | ₹4,00,000 |
| ₹10,00,000 | 75% | ₹7,50,000 |
केवल उदाहरण के लिए। वास्तविक लोन लेंडर की शुद्धता जांच, उसकी LTV नीति और उस दिन के संदर्भ भाव पर निर्भर करेगा। अपनी किस्त का अनुमान लगाने के लिए हमारा गोल्ड लोन EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
नियम 2: बुलेट भुगतान लोन अधिकतम 12 महीने
बुलेट भुगतान वाले गोल्ड लोन में आप हर महीने कुछ नहीं चुकाते — मूलधन और ब्याज अंत में एक साथ चुकाए जाते हैं। नए नियम दो चीज़ें बदलते हैं:
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1अधिकतम अवधि 12 महीने
निजी या उपभोग ज़रूरतों के लिए लिए गए बुलेट लोन 12 महीने से ज़्यादा नहीं चल सकते। उसके बाद नीचे दिए रिन्यूअल नियमों के अनुसार इन्हें रिन्यू किया जा सकता है।
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2परिपक्वता पर देय ब्याज LTV में गिना जाता है
LTV जांचते समय लेंडर को मूलधन में परिपक्वता पर देय पूरा ब्याज जोड़ना होगा। इसलिए उसी सोने पर बुलेट लोन में शुरुआत में मिलने वाली राशि EMI लोन से कम होती है।
नियम 3: आपके सोने का मूल्यांकन कैसे होगा
पहले अलग-अलग लेंडर्स का मूल्यांकन काफी अलग होता था। अब एक तय तरीका है:
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1संदर्भ भाव
लेंडर पिछले दिन के बंद भाव या पिछले 30 दिनों के औसत बंद भाव में से जो कम हो, वह इस्तेमाल करता है — जैसा India Bullion and Jewellers Association (IBJA) या SEBI-विनियमित कमोडिटी एक्सचेंज प्रकाशित करता है।
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2वास्तविक शुद्धता पर मूल्य
आपके गहनों का मूल्य उनकी वास्तविक शुद्धता (जैसे 22K या 18K) के भाव पर लगता है। जिस शुद्धता का भाव प्रकाशित न हो, वहां नज़दीकी शुद्धता का भाव वज़न के अनुपात में समायोजित करके लिया जाता है।
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3सिर्फ धातु गिनी जाती है
नग, रत्न, मोम और मेकिंग चार्ज नहीं गिने जाते। सिर्फ सोने का वास्तविक मूल्य माना जाता है।
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4आपकी मौजूदगी में मूल्यांकन
शुद्धता और वज़न की जांच आपके सामने होनी चाहिए, और नतीजा गिरवी प्रमाणपत्र (pledge certificate) में दर्ज होना चाहिए, जो आपके पास रहता है।
नियम 4: कितना सोना गिरवी रख सकते हैं
| गिरवी का प्रकार | प्रति उधारकर्ता अधिकतम |
|---|---|
| सोने के गहने और आभूषण | 1 किलो (कुल) |
| सोने के सिक्के | 50 ग्राम (कुल) |
| चांदी के गहने और आभूषण | 10 किलो (कुल) |
| चांदी के सिक्के | 500 ग्राम (कुल) |
सोने की ईंट/बिस्कुट (बुलियन), गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड यूनिट गिरवी के रूप में स्वीकार नहीं होते, और लेंडर सोना खरीदने के लिए लोन नहीं दे सकते। आपसे स्वामित्व का प्रमाण या स्वामित्व की हस्ताक्षरित घोषणा भी मांगी जा सकती है — देखें गोल्ड लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़।
नियम 5: क्रेडिट जांच सिर्फ ₹2.5 लाख से ऊपर
प्रति उधारकर्ता ₹2.5 लाख तक के कुल गोल्ड लोन पर लेंडर्स के लिए आपकी आय और चुकाने की क्षमता का विस्तृत आकलन ज़रूरी नहीं है — मुख्य सुरक्षा सोना ही है। कुल राशि ₹2.5 लाख से ऊपर जाते ही पूरा क्रेडिट मूल्यांकन अनिवार्य है, यानी आय दस्तावेज़ और क्रेडिट रिपोर्ट की जांच। इसीलिए कम स्कोर से छोटा गोल्ड लोन शायद ही रुकता है; ज़्यादा जानें गोल्ड लोन के लिए ज़रूरी CIBIL स्कोर गाइड में।
नियम 6: रिन्यूअल और टॉप-अप
✅ रिन्यूअल तब संभव है जब…
आप औपचारिक अनुरोध करें, लोन नियमित हो (ओवरड्यू/NPA न हो), रिन्यूअल के बाद भी LTV स्लैब के भीतर रहे, और बुलेट लोन में पहले पूरा जमा ब्याज चुका दिया गया हो।
❌ अब सिर्फ ब्याज देकर अंतहीन रिन्यूअल नहीं
बुलेट लोन को अब बार-बार आगे नहीं बढ़ाया जा सकता जबकि ब्याज बढ़ता रहे। हर रिन्यूअल या टॉप-अप के लिए नया क्रेडिट आकलन होगा।
पूरी रिन्यूअल और वसूली प्रक्रिया के लिए पढ़ें गोल्ड लोन रिन्यूअल और नीलामी प्रक्रिया।
नियम 7: सोने की वापसी — देरी पर ₹5,000 प्रतिदिन
लोन पूरा चुकाने के बाद लेंडर को आपका गिरवी सोना संभव हो तो उसी दिन, और अधिकतम 7 कार्य दिवसों में लौटाना होगा। देरी लेंडर की गलती से हो तो उसे समय-सीमा के बाद हर दिन के लिए ₹5,000 देने होंगे। गहनों को हुए किसी नुकसान की मरम्मत का खर्च भी लेंडर उठाएगा, और गहनों के खोने या उनमें अंतर पाए जाने पर आपको मुआवज़ा देगा।
नियम 8: चुका न पाने पर निष्पक्ष नीलामी
नीलामी आखिरी विकल्प है, और इसके नियम अब काफी सख्त हैं:
पहले से नोटिस अनिवार्य
किसी भी नीलामी से पहले आपको उचित नोटिस मिलना चाहिए। आपसे संपर्क न हो पाए तो लेंडर को सार्वजनिक नोटिस छापना होगा और नीलामी से पहले कम से कम एक महीना इंतज़ार करना होगा।
कम से कम 90% रिज़र्व प्राइस
शुरुआती कीमत सोने के मौजूदा मूल्य का कम से कम 90% होनी चाहिए। दो नीलामियां विफल होने के बाद ही यह 85% तक घट सकती है।
सार्वजनिक और स्थानीय
नीलामी का विज्ञापन कम से कम दो अख़बारों में होना चाहिए — एक क्षेत्रीय भाषा का और एक राष्ट्रीय — और पहली नीलामी आपकी शाखा के ज़िले में भौतिक रूप से होनी चाहिए। लेंडर और उससे जुड़े पक्ष बोली नहीं लगा सकते।
अतिरिक्त राशि आपको वापस
नीलामी से आपकी बकाया राशि से ज़्यादा पैसा मिले, तो लेंडर को रकम मिलने के 7 कार्य दिवसों के भीतर अतिरिक्त राशि आपको लौटानी होगी।
नियम 9: आपकी भाषा में साफ शर्तें
आपके लोन एग्रीमेंट और Key Fact Statement (KFS) में गिरवी सोना और उसका मूल्य, सभी शुल्क, नीलामी प्रक्रिया और नोटिस अवधि, और सोना लौटाने की समय-सीमा साफ लिखी होनी चाहिए। मुख्य शर्तें क्षेत्रीय भाषा या आपकी पसंद की भाषा में बताई जानी चाहिए। जो उधारकर्ता पढ़ नहीं सकते, उन्हें शर्तें एक स्वतंत्र गवाह के सामने समझाई जानी चाहिए जो लेंडर का कर्मचारी न हो।
इन नियमों का आपके लिए मतलब
✅ छोटे उधारकर्ताओं के लिए अच्छी खबर
₹2.5 लाख तक की ज़रूरत वाले किसान, दुकानदार या नौकरीपेशा को प्रति ग्राम ज़्यादा पैसा और कम कागज़ी कार्रवाई।
❌ बुलेट लोन पर शुरुआत में कम रकम
ब्याज अब LTV में गिना जाता है, इसलिए बुलेट लोन में कम रकम मिलती है। EMI या मासिक ब्याज वाला विकल्प आपके लिए बेहतर हो सकता है।
✅ गहने ज़्यादा सुरक्षित
देरी पर रोज़ का मुआवज़ा और नुकसान की ज़िम्मेदारी से, समय पर सोना न लौटने पर आपके पास ठोस अधिकार हैं।
❌ बड़े लोन पर कागज़ात
₹2.5 लाख से ऊपर आय प्रमाण और क्रेडिट जांच की उम्मीद रखें — इस स्तर पर "बिना दस्तावेज़" वाली बात लागू नहीं होती।
अभी तय कर रहे हैं? तुलना करें गोल्ड लोन बनाम पर्सनल लोन, या देखें भारत में गोल्ड लोन की ताज़ा ब्याज दरें।
सोना गिरवी रखने से पहले चेकलिस्ट
- 1पूछें कौन-सा LTV स्लैब लागू है
सिर्फ "85% तक" के दावे पर नहीं, लेंडर असल में प्रति ग्राम कितना और कितना प्रतिशत दे रहा है, यह पक्का करें।
- 2मूल्यांकन पर नज़र रखें
शुद्धता और वज़न की जांच के समय मौजूद रहें, और देखें कि नग की कटौती सही हुई है।
- 3भुगतान का तरीका सोच-समझकर चुनें
EMI, मासिक ब्याज और बुलेट विकल्पों की तुलना करें — बुलेट लोन में अब कम रकम मिलती है और इसे 12 महीनों में बंद करना होता है।
- 4KFS पढ़ें
साइन करने से पहले APR, प्रोसेसिंग फीस, मूल्यांकन शुल्क, पेनल चार्ज और नीलामी की शर्तें जांचें।
- 5गिरवी प्रमाणपत्र संभालकर रखें
इसमें गहनों की सूची, वज़न और शुद्धता होती है — सोना वापस मिलने पर मिलान के लिए इसकी ज़रूरत होगी।
जानें आपके सोने पर कितना लोन मिलेगा
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गोल्ड लोन विशेषज्ञ से मुफ्त बात करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Reserve Bank of India (Lending Against Gold and Silver Collateral) Directions, 2025 के तहत, जिन्हें सभी लेंडर्स को 1 अप्रैल 2026 तक लागू करना था, LTV ₹2.5 लाख तक के लोन पर 85%, ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक 80%, और ₹5 लाख से ऊपर 75% है। बुलेट लोन अधिकतम 12 महीने के होंगे, सोना भुगतान के 7 कार्य दिवसों में लौटाना होगा, और नीलामी में रिज़र्व प्राइस बाज़ार मूल्य का कम से कम 90% होगा।
अपने सोने के आंके गए मूल्य को LTV स्लैब से गुणा करें। जैसे, 10 ग्राम गहनों का मूल्य शुद्धता समायोजन और नग घटाने के बाद ₹1,00,000 आंका गया, तो आपको ₹85,000 तक मिल सकते हैं, क्योंकि ₹2.5 लाख तक के लोन पर 85% LTV लागू है। असल राशि लेंडर की शुद्धता जांच, उसकी नीति और उस दिन के संदर्भ भाव पर निर्भर करती है।
प्रति उधारकर्ता ₹2.5 लाख तक के कुल गोल्ड लोन पर लेंडर्स के लिए आय और चुकाने की क्षमता का विस्तृत आकलन ज़रूरी नहीं है, इसलिए क्रेडिट स्कोर से मंज़ूरी शायद ही रुकती है। ₹2.5 लाख से ऊपर पूरा क्रेडिट मूल्यांकन अनिवार्य है, जिसमें आमतौर पर क्रेडिट रिपोर्ट और आय दस्तावेज़ों की जांच होती है।
बुलेट भुगतान वाले गोल्ड लोन तभी रिन्यू हो सकते हैं जब पूरा जमा ब्याज चुका दिया गया हो, लोन नियमित हो, और रिन्यूअल के बाद भी LTV सीमा के भीतर रहे। हर रिन्यूअल या टॉप-अप के लिए आपका औपचारिक अनुरोध और नया क्रेडिट आकलन ज़रूरी है, इसलिए अब अंतहीन "सिर्फ ब्याज" रिन्यूअल की अनुमति नहीं है।
पूरा भुगतान करने के दिन ही लेंडर को सोना लौटाना चाहिए, और अधिकतम 7 कार्य दिवसों में। देरी लेंडर की वजह से हो, तो उसे इस समय-सीमा के बाद हर दिन के लिए आपको ₹5,000 देने होंगे, और गहनों को हुए किसी नुकसान या कमी की ज़िम्मेदारी भी उसकी होगी।
सोने के सिक्के प्रति उधारकर्ता 50 ग्राम तक, और सोने के गहने कुल 1 किलो तक स्वीकार होते हैं। सोने की ईंट/बिस्कुट, बुलियन, गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड यूनिट गिरवी नहीं रखे जा सकते, और लेंडर सोना खरीदने के लिए लोन नहीं दे सकते।