संक्षिप्त उत्तर: Reserve Bank of India (Lending Against Gold and Silver Collateral) Directions, 2025 के तहत, जिन्हें सभी लेंडर्स को 1 अप्रैल 2026 तक लागू करना था, ₹2.5 लाख तक के लोन पर सोने की कीमत का 85%, ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक 80%, और ₹5 लाख से ऊपर 75% तक लोन मिल सकता है। बुलेट भुगतान वाले गोल्ड लोन की अवधि अधिकतम 12 महीने है, और परिपक्वता पर देय ब्याज भी अब LTV में गिना जाता है। पूरा भुगतान करने के 7 कार्य दिवसों के भीतर सोना लौटाना होगा, वरना लेंडर आपको देरी के हर दिन के लिए ₹5,000 देगा।

मुख्य बातें

क्या बदला और क्यों

2026 से पहले बैंक, NBFC और सहकारी बैंक अलग-अलग वर्षों में जारी अलग-अलग गोल्ड लोन निर्देशों का पालन करते थे। जून 2025 में RBI ने इन सबकी जगह एक ही निर्देश जारी किए — Reserve Bank of India (Lending Against Gold and Silver Collateral) Directions, 2025 — और लेंडर्स को 1 अप्रैल 2026 तक इन्हें लागू करने का समय दिया। उद्देश्य था बार-बार सिर्फ ब्याज देकर रिन्यूअल, अस्पष्ट मूल्यांकन और गिरवी गहनों की देर से वापसी जैसी प्रथाओं को रोकना, और आम उधारकर्ताओं के लिए छोटे लोन आसान बनाना।

ये नियम कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंक, और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित सभी NBFC पर लागू होते हैं। आपके लेंडर के नए निर्देश अपनाने से पहले मंज़ूर हुए लोन बंद या रिन्यू होने तक पुरानी शर्तों पर चलते रहेंगे।

नियम 1: नए LTV स्लैब — आपको कितना लोन मिलेगा

LTV (Loan-to-Value) यानी आपके सोने के आंके गए मूल्य का अधिकतम कितना प्रतिशत लोन मिल सकता है। अब एक समान सीमा की जगह LTV उस लेंडर से आपके कुल गोल्ड लोन के आकार पर निर्भर है:

कुल गोल्ड लोन राशिअधिकतम LTV (1 अप्रैल 2026 से)पहले की सीमा
₹2.5 लाख तक85%75%
₹2.5 लाख से ऊपर और ₹5 लाख तक80%75%
₹5 लाख से ऊपर75%75%

ये अधिकतम सीमाएं हैं, गारंटी नहीं। लेंडर अपनी नीति के अनुसार कम दे सकता है, और पूरी अवधि में LTV सीमा के भीतर रहना चाहिए — यानी सोने का भाव तेज़ी से गिरे तो आपसे लोन का कुछ हिस्सा चुकाने या और सोना गिरवी रखने को कहा जा सकता है।

उदाहरण: आपके सोने पर अधिकतम लोन

मान लीजिए आपके गहनों का आंका गया मूल्य (नग घटाने और शुद्धता के समायोजन के बाद) नीचे दिए अनुसार है। EMI वाले लोन पर अधिकतम राशि इस तरह बनेगी:

सोने का आंका गया मूल्यलागू स्लैबअधिकतम लोन
₹1,00,00085%₹85,000
₹2,00,00085%₹1,70,000
₹3,00,00085% (₹2.5 लाख स्लैब पर सीमित)₹2,50,000
₹5,00,00080%₹4,00,000
₹10,00,00075%₹7,50,000

केवल उदाहरण के लिए। वास्तविक लोन लेंडर की शुद्धता जांच, उसकी LTV नीति और उस दिन के संदर्भ भाव पर निर्भर करेगा। अपनी किस्त का अनुमान लगाने के लिए हमारा गोल्ड लोन EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

नियम 2: बुलेट भुगतान लोन अधिकतम 12 महीने

बुलेट भुगतान वाले गोल्ड लोन में आप हर महीने कुछ नहीं चुकाते — मूलधन और ब्याज अंत में एक साथ चुकाए जाते हैं। नए नियम दो चीज़ें बदलते हैं:

उदाहरण: आपके सोने का मूल्य ₹2,50,000 आंका गया, तो 85% स्लैब के अनुसार कुल चुकाने योग्य राशि ₹2,12,500 हो सकती है। 12% सालाना ब्याज पर 12 महीने के बुलेट लोन में ब्याज भी इसी सीमा में आना चाहिए — इसलिए अधिकतम मूलधन लगभग ₹1,89,700 होगा (₹1,89,700 + ₹22,764 ब्याज ≈ ₹2,12,500)। उसी सोने पर EMI लोन में आपको पूरे ₹2,12,500 मिल सकते हैं।

नियम 3: आपके सोने का मूल्यांकन कैसे होगा

पहले अलग-अलग लेंडर्स का मूल्यांकन काफी अलग होता था। अब एक तय तरीका है:

नियम 4: कितना सोना गिरवी रख सकते हैं

गिरवी का प्रकारप्रति उधारकर्ता अधिकतम
सोने के गहने और आभूषण1 किलो (कुल)
सोने के सिक्के50 ग्राम (कुल)
चांदी के गहने और आभूषण10 किलो (कुल)
चांदी के सिक्के500 ग्राम (कुल)

सोने की ईंट/बिस्कुट (बुलियन), गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड यूनिट गिरवी के रूप में स्वीकार नहीं होते, और लेंडर सोना खरीदने के लिए लोन नहीं दे सकते। आपसे स्वामित्व का प्रमाण या स्वामित्व की हस्ताक्षरित घोषणा भी मांगी जा सकती है — देखें गोल्ड लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़।

नियम 5: क्रेडिट जांच सिर्फ ₹2.5 लाख से ऊपर

प्रति उधारकर्ता ₹2.5 लाख तक के कुल गोल्ड लोन पर लेंडर्स के लिए आपकी आय और चुकाने की क्षमता का विस्तृत आकलन ज़रूरी नहीं है — मुख्य सुरक्षा सोना ही है। कुल राशि ₹2.5 लाख से ऊपर जाते ही पूरा क्रेडिट मूल्यांकन अनिवार्य है, यानी आय दस्तावेज़ और क्रेडिट रिपोर्ट की जांच। इसीलिए कम स्कोर से छोटा गोल्ड लोन शायद ही रुकता है; ज़्यादा जानें गोल्ड लोन के लिए ज़रूरी CIBIL स्कोर गाइड में।

नियम 6: रिन्यूअल और टॉप-अप

✅ रिन्यूअल तब संभव है जब…

आप औपचारिक अनुरोध करें, लोन नियमित हो (ओवरड्यू/NPA न हो), रिन्यूअल के बाद भी LTV स्लैब के भीतर रहे, और बुलेट लोन में पहले पूरा जमा ब्याज चुका दिया गया हो।

❌ अब सिर्फ ब्याज देकर अंतहीन रिन्यूअल नहीं

बुलेट लोन को अब बार-बार आगे नहीं बढ़ाया जा सकता जबकि ब्याज बढ़ता रहे। हर रिन्यूअल या टॉप-अप के लिए नया क्रेडिट आकलन होगा।

पूरी रिन्यूअल और वसूली प्रक्रिया के लिए पढ़ें गोल्ड लोन रिन्यूअल और नीलामी प्रक्रिया।

नियम 7: सोने की वापसी — देरी पर ₹5,000 प्रतिदिन

लोन पूरा चुकाने के बाद लेंडर को आपका गिरवी सोना संभव हो तो उसी दिन, और अधिकतम 7 कार्य दिवसों में लौटाना होगा। देरी लेंडर की गलती से हो तो उसे समय-सीमा के बाद हर दिन के लिए ₹5,000 देने होंगे। गहनों को हुए किसी नुकसान की मरम्मत का खर्च भी लेंडर उठाएगा, और गहनों के खोने या उनमें अंतर पाए जाने पर आपको मुआवज़ा देगा।

नियम 8: चुका न पाने पर निष्पक्ष नीलामी

नीलामी आखिरी विकल्प है, और इसके नियम अब काफी सख्त हैं:

पहले से नोटिस अनिवार्य

किसी भी नीलामी से पहले आपको उचित नोटिस मिलना चाहिए। आपसे संपर्क न हो पाए तो लेंडर को सार्वजनिक नोटिस छापना होगा और नीलामी से पहले कम से कम एक महीना इंतज़ार करना होगा।

कम से कम 90% रिज़र्व प्राइस

शुरुआती कीमत सोने के मौजूदा मूल्य का कम से कम 90% होनी चाहिए। दो नीलामियां विफल होने के बाद ही यह 85% तक घट सकती है।

सार्वजनिक और स्थानीय

नीलामी का विज्ञापन कम से कम दो अख़बारों में होना चाहिए — एक क्षेत्रीय भाषा का और एक राष्ट्रीय — और पहली नीलामी आपकी शाखा के ज़िले में भौतिक रूप से होनी चाहिए। लेंडर और उससे जुड़े पक्ष बोली नहीं लगा सकते।

अतिरिक्त राशि आपको वापस

नीलामी से आपकी बकाया राशि से ज़्यादा पैसा मिले, तो लेंडर को रकम मिलने के 7 कार्य दिवसों के भीतर अतिरिक्त राशि आपको लौटानी होगी।

नियम 9: आपकी भाषा में साफ शर्तें

आपके लोन एग्रीमेंट और Key Fact Statement (KFS) में गिरवी सोना और उसका मूल्य, सभी शुल्क, नीलामी प्रक्रिया और नोटिस अवधि, और सोना लौटाने की समय-सीमा साफ लिखी होनी चाहिए। मुख्य शर्तें क्षेत्रीय भाषा या आपकी पसंद की भाषा में बताई जानी चाहिए। जो उधारकर्ता पढ़ नहीं सकते, उन्हें शर्तें एक स्वतंत्र गवाह के सामने समझाई जानी चाहिए जो लेंडर का कर्मचारी न हो।

इन नियमों का आपके लिए मतलब

✅ छोटे उधारकर्ताओं के लिए अच्छी खबर

₹2.5 लाख तक की ज़रूरत वाले किसान, दुकानदार या नौकरीपेशा को प्रति ग्राम ज़्यादा पैसा और कम कागज़ी कार्रवाई।

❌ बुलेट लोन पर शुरुआत में कम रकम

ब्याज अब LTV में गिना जाता है, इसलिए बुलेट लोन में कम रकम मिलती है। EMI या मासिक ब्याज वाला विकल्प आपके लिए बेहतर हो सकता है।

✅ गहने ज़्यादा सुरक्षित

देरी पर रोज़ का मुआवज़ा और नुकसान की ज़िम्मेदारी से, समय पर सोना न लौटने पर आपके पास ठोस अधिकार हैं।

❌ बड़े लोन पर कागज़ात

₹2.5 लाख से ऊपर आय प्रमाण और क्रेडिट जांच की उम्मीद रखें — इस स्तर पर "बिना दस्तावेज़" वाली बात लागू नहीं होती।

अभी तय कर रहे हैं? तुलना करें गोल्ड लोन बनाम पर्सनल लोन, या देखें भारत में गोल्ड लोन की ताज़ा ब्याज दरें।

सोना गिरवी रखने से पहले चेकलिस्ट

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 के लिए गोल्ड लोन के नए RBI नियम क्या हैं?

Reserve Bank of India (Lending Against Gold and Silver Collateral) Directions, 2025 के तहत, जिन्हें सभी लेंडर्स को 1 अप्रैल 2026 तक लागू करना था, LTV ₹2.5 लाख तक के लोन पर 85%, ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक 80%, और ₹5 लाख से ऊपर 75% है। बुलेट लोन अधिकतम 12 महीने के होंगे, सोना भुगतान के 7 कार्य दिवसों में लौटाना होगा, और नीलामी में रिज़र्व प्राइस बाज़ार मूल्य का कम से कम 90% होगा।

10 ग्राम सोने पर कितना गोल्ड लोन मिल सकता है?

अपने सोने के आंके गए मूल्य को LTV स्लैब से गुणा करें। जैसे, 10 ग्राम गहनों का मूल्य शुद्धता समायोजन और नग घटाने के बाद ₹1,00,000 आंका गया, तो आपको ₹85,000 तक मिल सकते हैं, क्योंकि ₹2.5 लाख तक के लोन पर 85% LTV लागू है। असल राशि लेंडर की शुद्धता जांच, उसकी नीति और उस दिन के संदर्भ भाव पर निर्भर करती है।

क्या नए नियमों में गोल्ड लोन के लिए CIBIL स्कोर देखा जाता है?

प्रति उधारकर्ता ₹2.5 लाख तक के कुल गोल्ड लोन पर लेंडर्स के लिए आय और चुकाने की क्षमता का विस्तृत आकलन ज़रूरी नहीं है, इसलिए क्रेडिट स्कोर से मंज़ूरी शायद ही रुकती है। ₹2.5 लाख से ऊपर पूरा क्रेडिट मूल्यांकन अनिवार्य है, जिसमें आमतौर पर क्रेडिट रिपोर्ट और आय दस्तावेज़ों की जांच होती है।

क्या सिर्फ ब्याज चुकाकर गोल्ड लोन रिन्यू हो सकता है?

बुलेट भुगतान वाले गोल्ड लोन तभी रिन्यू हो सकते हैं जब पूरा जमा ब्याज चुका दिया गया हो, लोन नियमित हो, और रिन्यूअल के बाद भी LTV सीमा के भीतर रहे। हर रिन्यूअल या टॉप-अप के लिए आपका औपचारिक अनुरोध और नया क्रेडिट आकलन ज़रूरी है, इसलिए अब अंतहीन "सिर्फ ब्याज" रिन्यूअल की अनुमति नहीं है।

लेंडर सोना लौटाने में देरी करे तो क्या होगा?

पूरा भुगतान करने के दिन ही लेंडर को सोना लौटाना चाहिए, और अधिकतम 7 कार्य दिवसों में। देरी लेंडर की वजह से हो, तो उसे इस समय-सीमा के बाद हर दिन के लिए आपको ₹5,000 देने होंगे, और गहनों को हुए किसी नुकसान या कमी की ज़िम्मेदारी भी उसकी होगी।

क्या सोने के सिक्के या बिस्कुट पर गोल्ड लोन मिलता है?

सोने के सिक्के प्रति उधारकर्ता 50 ग्राम तक, और सोने के गहने कुल 1 किलो तक स्वीकार होते हैं। सोने की ईंट/बिस्कुट, बुलियन, गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड यूनिट गिरवी नहीं रखे जा सकते, और लेंडर सोना खरीदने के लिए लोन नहीं दे सकते।